उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का उल्लेख किया। इनमें 1975 में लगाया गया आपातकाल (इमरजेंसी), न्यायपालिका की भूमिका और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे विषय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कानून के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल के दौर ने देश को ‘कानून के शासन’ (Rule of Law) और ‘कानून के जरिए शासन’ के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एच.आर. खन्ना की असहमति का भी जिक्र किया, जिन्होंने आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़े मामले में बहुमत के फैसले से अलग राय दी थी।
इमरजेंसी और जस्टिस एच.आर. खन्ना की असहमति का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया था। इसके 13 दिन बाद देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एच.आर. खन्ना ने असहमति जताई थी और उन्हें इसके परिणाम भी भुगतने पड़े। उन्होंने इस घटना को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।
योगी ने कहा कि इतिहास की घटनाएं कभी व्यर्थ नहीं जातीं। उनके अनुसार, 1975 का आपातकाल देश के लिए एक बड़ा सबक था, जिसने कानून के शासन और कानून के माध्यम से शासन करने के बीच के अंतर को स्पष्ट किया।
केशवानंद भारती और पुट्टास्वामी मामलों का भी किया उल्लेख
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून के विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने केशवानंद भारती और पुट्टास्वामी मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन फैसलों पर कानूनी चर्चाओं और अदालतों में अक्सर बहस होती है।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में आमतौर पर लंबे भाषण दिए जाते हैं, लेकिन वह विद्यार्थियों के भविष्य के पेशे और करियर को ध्यान में रखते हुए कुछ अलग तरीके से संवाद करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की पढ़ाई पूरी कर रहे विद्यार्थियों के लिए संवैधानिक मूल्यों, न्यायपालिका की भूमिका और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों को समझना जरूरी है। ये विषय उनके भविष्य के कानूनी करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अनुच्छेद 370 और राजनीतिक इतिहास पर भी चर्चा
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भारत के राजनीतिक इतिहास के अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने 16 मई 2014 का जिक्र किया, जब लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और केंद्र में सरकार बनाई।
मुख्यमंत्री ने आपातकाल और अनुच्छेद 370 हटाने जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए देश के राजनीतिक और संवैधानिक विकास पर चर्चा की। उन्होंने कानून के विद्यार्थियों को इतिहास से सीख लेने और संवैधानिक व्यवस्था की महत्ता समझने का संदेश दिया।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून, न्यायपालिका और संविधान से जुड़े मुद्दों को उनके भावी पेशेवर जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया।







