दिल्ली में दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच (तिलचट्टे) का पुतला जलाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता कपिल मिश्रा ने बुधवार को इस मामले पर आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा। वहीं, AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आयोजनकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए प्राथमिकी (FIR) की मांग की है।
कपिल मिश्रा ने AAP पर साधा निशाना
पत्रकारों से बातचीत में कपिल मिश्रा ने कहा कि पुतला कॉकरोच का जलाया जा रहा है, लेकिन तकलीफ देश की राजनीतिक दीमकों को हो रही है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच गंदगी और अव्यवस्था का प्रतीक है और जनता ऐसे प्रतीकों के जरिए अपना संदेश देना चाहती है।
मिश्रा ने दावा किया कि देश के खिलाफ काम करने वाली ताकतों को अंततः हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर भी कटाक्ष किया।
सौरभ भारद्वाज ने दर्ज कराई शिकायत
AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला कमेटी के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में कमेटी के अध्यक्ष और BJP विधायक अशोक गोयल, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा तथा अन्य आयोजकों के नाम शामिल हैं। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पारंपरिक धार्मिक पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने के फैसले से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने आयोजन से जुड़ी तस्वीरों, वीडियो और प्रचार सामग्री को मीडिया तथा सोशल मीडिया मंचों से हटाने की मांग भी की। भारद्वाज ने कहा कि यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो वह अदालत का रुख करेंगे।
पीतमपुरा में हुआ 30 फुट के कॉकरोच का दहन
दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के मैदान पर मंगलवार को दशहरा समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कॉकरोच का विशाल पुतला समारोह के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
गंदगी के खिलाफ जागरूकता का दावा
आयोजकों के अनुसार, कॉकरोच का पुतला जलाने का उद्देश्य गंदगी, अव्यवस्था और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना था। हालांकि, इस आयोजन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के बाद इस पुतले के दहन ने भी राजनीतिक हलकों में ध्यान आकर्षित किया है। अब इस मामले में AAP की शिकायत और आयोजकों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।







