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CJP ने फिलहाल राजनीति से बनाई दूरी, अभिजीत दिपके बोले- देश को प्रेशर ग्रुप की जरूरत

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admin
05 अगस्त 2026 को 07:43 am बजे
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि संगठन फिलहाल चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक नई राजनीतिक पार्टी से अधिक मजबूत प्रेशर ग्रुप की आवश्यकता है। इसलिए CJP अभी जनहित के मुद्दों को उठाने वाले एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करेगा।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संगठन की कोर टीम की बैठक में संस्थानों में घटते जन-विश्वास, इथेनॉल-मिश्रित ईंधन, बेरोजगारी और छात्र आंदोलनों जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘देश को अभी प्रेशर ग्रुप की जरूरत’ : अभिजीत दिपके

बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में अभिजीत दिपके ने कहा कि देश के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं और इन मुद्दों पर प्रभावी जनदबाव बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि CJP फिलहाल राजनीतिक दल के बजाय एक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा, ताकि सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने जनता की आवाज मजबूती से रखी जा सके।

सोनम वांगचुक रहेंगे आंदोलन के मेंटर

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक संगठन के आंदोलनों के मेंटर के रूप में जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा कि विभिन्न जनहित के मुद्दों पर संगठन समय-समय पर सोनम वांगचुक से मार्गदर्शन और सलाह लेता रहेगा।

NEET आंदोलन में दर्ज FIR वापस लेने की मांग

सौरव दास ने बताया कि CJP उन छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग करेगा, जिन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में संगठन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत जारी है और संगठन छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है।

घायल छात्रों को कानूनी और मेडिकल सहायता

CJP ने बताया कि देशभर में छात्र आंदोलनों के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी संगठन काम कर रहा है।

संगठन का कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

कोर टीम की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा

छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से—

संस्थानों में घटता जन-विश्वास

मीडिया और न्यायपालिका की भूमिका

इथेनॉल-मिश्रित ईंधन की नीति

बढ़ती बेरोजगारी

शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन

जैसे मुद्दे शामिल रहे।

NEET आंदोलन से चर्चा में आई CJP

अभिजीत दिपके जून में अमेरिका से भारत लौटे थे और उन्होंने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभियान का नेतृत्व किया।

इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली पहुंचे और परीक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

देशभर में फैला छात्र आंदोलन

NEET आंदोलन को देशभर के युवाओं, खासकर Gen Z वर्ग का व्यापक समर्थन मिला। बाद में यह विरोध प्रदर्शन कई राज्यों और शहरों तक फैल गया।

हालांकि, कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति भी बनी और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता तथा बिहार सहित कई जगहों पर पुलिस कार्रवाई हुई। इन घटनाओं में कई छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए।

आगे की रणनीति क्या होगी?

CJP का कहना है कि फिलहाल उसका मुख्य उद्देश्य चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, संस्थागत पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी जनदबाव बनाना है। संगठन आने वाले समय में विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर अभियान चलाकर सरकार के सामने लोगों की मांगों को मजबूती से उठाने की रणनीति पर काम करेगा।