National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

अग्निवीरों की सेवा अवधि 6 साल करने की तैयारी, CDS कर सकते हैं घोषणा

a
admin
4 नवंबर 2026 | 03:40 pm IST
Featured Image

नई दिल्ली। अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि जल्द ही अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा कर सकते हैं। इससे उनकी कुल सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल हो सकती है। हालांकि, सेवा विस्तार स्वीकार करना पूरी तरह संबंधित अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दर्शाता है कि सशस्त्र बल अग्निवीरों के योगदान को महत्व देते हैं और उनकी सेवाओं को आगे भी जारी रखना चाहते हैं। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब तीनों सेनाओं को अग्निपथ योजना के पहले बैच के करीब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को नवंबर के मध्य से चरणबद्ध तरीके से कार्यमुक्त करना था।

18,300 से अधिक अग्निवीर होने वाले थे कार्यमुक्त

चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद 31 दिसंबर तक 18,300 से अधिक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों से कार्यमुक्त किया जाना था। ये जवान भर्ती के पहले दौर में सेना, वायु सेना और नौसेना में शामिल हुए कुल 24,400 रंगरूटों का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहले बैच में भारतीय सेना में करीब 19,000, वायु सेना में 2,850 और नौसेना में 2,550 अग्निवीर शामिल किए गए थे।

क्या है अग्निपथ भर्ती योजना?

अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में केंद्र सरकार ने की थी। इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा और युद्ध के लिए तैयार रखना था। इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायु सेना में जवानों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की जाती है।

योजना के प्रावधानों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता, प्रदर्शन और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर नियमित कैडर में 15 साल की अतिरिक्त सेवा के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है।

यह भर्ती मॉडल लंबे समय से राजनीतिक विवाद का विषय रहा है, क्योंकि इसमें पारंपरिक भर्ती व्यवस्था की तुलना में जवानों का सेवा कार्यकाल और सेवा संबंधी लाभ सीमित हैं।

तीनों सेनाएं अग्निवीरों के प्रदर्शन से संतुष्ट

अधिकारियों के अनुसार, तीनों सेनाओं ने अलग-अलग भूमिकाओं में अग्निवीरों के प्रदर्शन पर संतोष जताया है। इससे पहले भी संकेत दिए गए थे कि भविष्य में अग्निपथ योजना में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि विशेष कौशल और बेहतर प्रदर्शन वाले अधिक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखा जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सेना में लगभग 2.70 लाख, वायु सेना में करीब 27,000 और नौसेना में लगभग 21,000 अग्निवीर हैं।

पुरानी भर्ती व्यवस्था से अलग है अग्निपथ मॉडल

अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों की दशकों पुरानी भर्ती व्यवस्था से एक बड़ा बदलाव है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने जून 2022 में इस योजना की घोषणा कर पुरानी भर्ती प्रणाली की जगह इसे लागू किया था।

अब संभावित दो साल के सेवा विस्तार की घोषणा को अग्निपथ योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसके अंतिम स्वरूप और लागू होने की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।